कृषि विश्वविद्यालय महिलाओं को बनाएगा आत्मनिर्भर, शार्ट टर्म कोर्स से सुधरेंगे आर्थिक हालात

harshita's picture

RGA न्यूज़

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कौशल विकास के लिए सात दिन से लेकर छह माह तक के शार्ट टर्म कोर्स की शुरुआत करने की तैयारी की जा रही है। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में जल्द स्वीकृति मिल सकती है।

सीएसए में युवाओं का कौशल विकास होगा।

कानपुर, प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार के लिए अब चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने कदम बढ़ाए हैं। युवाओं के लिए शार्ट टर्म कोर्स तैयार किए हैं, जिनके प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार कर सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार से आर्थिक हालात भी सुधारेंगे। इसमें कई तरह के रोजगार परक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इस प्रशिक्षण में महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा ताकि वे भी घर में अपना आर्थिक सहयोग देने की स्थिति में आ सकें।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) कम समय में युवाओं का कौशल विकास करने की तैयारी में है। यहां सात दिन से छह माह का शार्ट टर्म कोर्स संचालित किया जाएगा, जिसकी प्लानिंग हो गई है। इसको इसी सप्ताह में प्रस्तावित एकेडमिक काउंसिल की बैठक में स्वीकृति मिल सकती है। युवाओं को किचन गार्डनिंग, वर्मी कंपोस्टिंग (जैविक खाद तैयार करना), मिट्टी और उर्वरकों की जांच आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोर्स में ग्रामीण महिलाओं को भी शामिल करने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे की वे घर की आर्थिक स्थिति में सहयोग कर 

किचन गार्डनिंग, वर्मी कंपोस्टिंग बनाने, मिट्टी की जांच का प्रशिक्षण लेने के बाद युवा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सिखाने के अलावा खुद भी स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे। किचन गार्डनिंग और वर्मी कंपोस्ट से आय बढ़ा सकेंगे। खासकर महिलाओं को प्रशिक्षण से ज्यादा फायदा मिलेगा क्योंकि घरेलू काम के बाद बचने वाले समय में वे इससे आर्थिक मजबूती भी प्राप्त कर सकेंगी। इससे उनका उद्यमिता विकास का रास्ता खुल जाएगा। कुलपति डा. डीआर सिंह ने बताया कि कोर्स का प्रारूप तैयार हो गया है। युवाओं को इसका लाभ मिल सकेगा।

उद्यमिता विकास पर रहेगा जोर

कुलपति के मुताबिक किसानों की आय बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से उनका उद्यमिता विकास कराने पर जोर रहेगा। कई कंपनियों से बातचीत चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के सह उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। उनके उत्पादों के लिए सेंटर स्थापित करने की प्लानिंग है। इसमें सीएसए के विशेषज्ञ मूल्य संवर्धन करेंगे।

Scholarly Lite is a free theme, contributed to the Drupal Community by More than Themes.