
RGA न्यूज लखनऊ
पुलिस की हीलाहवाली से क्षुब्ध होकर अयोध्या के रामजन्मभूमि थाने में आत्मदाह करने वाले साधु रामदास त्यागी ने गुरुवार को ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। सामान चोरी होने की रिपोर्ट न लिखे जाने के कारण उसने मंगलवार रात आत्मदाह किया था। इस घटना में वह 70 फीसदी से ज्यादा जल चुका था।
भोपाल का रहने वाला साधु रामदास त्यागी (50) एक हफ्ते पहले अयोध्या दर्शन के लिए आया था। रविवार को हनुमानगढ़ी दर्शन के दौरान उसका बैग, बिस्तर समेत नकद 3500 रुपये गायब हो गए। उसने शक के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस को सौंपा। साधु का आरोप था कि पुलिस ने आरोपी को लेन-देन के बाद छोड़ दिया। पुलिस ने उसका केस भी दर्ज नहीं किया।
वह केस दर्ज कराने के लिए थाने का चक्कर काट रहा था, उसके पास वापस जाने व खाने के लिए पैसे नहीं थे। इससे तंग आकर उसने थाने में ही अपने ऊपर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। ये देख पुलिस ने तत्काल आग बुझाई व उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया था।
लापरवाही में थानाध्यक्ष व तीन सिपाही सस्पेंड
मामले में अयोध्या एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि साधु ने कुछ सामान व नकदी चोरी होने की बात बताई थी। उसने एक बुजुर्ग को पकड़कर उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस को सौंपा था। पुलिस की तलाशी में उसके पास कुछ नहीं मिलने व पूछताछ में बेगुनाह पाए जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया था। केस नहीं दर्ज करने की बात पर उन्होंने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही थी। उन्होंने थाने में आग लगाने की बात से इनकार किया।
वहीं, मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने मंगलवार देर रात ही थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह, हेड कांस्टेबल राम सुंदर पांडेय, कांस्टेबल चंद्रिका सोनकर व रवि सिंह को सस्पेंड कर दिया है। उनका कहना है कि केस नहीं दर्ज करने पर कार्रवाई की गई है।