12 वर्ष बाद नहर की खोदाई, अब मिल सकेगा पानी

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12 वर्ष बाद नहर की खोदाई, अब मिल सकेगा पानी

एसडीएम मेंहदावल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सिचाई समस्या को देखते हुए व नहर की खोदाई पूरी कराने के लिए काश्तकारों के साथ कई बार बैठक की गई थी लेकिन सहमति नहीं बनी। गतिरोध बना रहने के कारण एवं हाईकोर्ट से मुकदमा खारिज होने के बाद छूटी हुई नहर की खोदाई कराई गई है। काश्तकारों को उनका मुआवजा लेने के लिए सहमत करने का दोबारा प्रयास करते हुए उन्हें सहमत करने का प्रयास किया जाएग

संतकबीर नगर: मेंहदावल तहसील क्षेत्र के जंगल बेलहर में स्थित है छह किमी लंबी नहर के पूर्ण होने का कार्य शुरू हो गया है। छूटे हुए 200 मीटर नहर की खोदाई पिछले 12 वर्षों से लंबित थी उसको शनिवार को उपजिलाधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी व सिचाई विभाग के सहायक अभियंता कुमार गौरव ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी के माध्यम से खोदाई कराया। अब छह किमी लंबी नहर से बेलहर क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों को सिचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

बेलहर के रमवापुर गांव में यह नहर खोदी गई है। सिचाई विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि बीते वर्ष 2008-09 में सिचाई विभाग के द्वारा बेलहर में नहर खोदने की अनुमति मिली थी। विभाग के द्वारा काश्तकारों की जमीन का रजिस्ट्री बैनामा कराकर जमीन को अधिग्रहीत किया गया। नहर की खोदाई शुरू हुई तो कुछ काश्तकारों ने जमीन देने से मना कर दिया। विभाग के द्वारा मुआवजा देने की पेशकश को भी काश्तकारों ने ठुकरा दिया। मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया। सहमति बनाने का प्रयास किया गया लेकिन काश्तकार नहीं माने। इस मामले में काश्तकारों ने हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया। लंबे समय तक यह मुकदमा चला। मार्च 2021 में हाईकोर्ट ने काश्तकारों का मुकदमा खारिज कर किया, जिसके बाद से सिचाई विभाग व प्रशासन ने कई बार आम सहमति बनाने का प्रयास किया, लेकिन काश्तकारों ने मुआवजा लेने से इन्कार कर दिया। विभाग का दावा है कि इससे किसानों को काफी फायदा होगा तथा जिस क्षेत्रफल में नहर की खोदाई नहीं हुई थी, वहां खोदाई हो जाने से लोगों को पानी का सतत प्रवाह मिलेगा और फसलों को सिचाई में काफी लाभ मिलेगा

एसडीएम मेंहदावल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सिचाई समस्या को देखते हुए व नहर की खोदाई पूरी कराने के लिए काश्तकारों के साथ कई बार बैठक की गई थी, लेकिन सहमति नहीं बनी। गतिरोध बना रहने के कारण एवं हाईकोर्ट से मुकदमा खारिज होने के बाद छूटी हुई नहर की खोदाई कराई गई है। काश्तकारों को उनका मुआवजा लेने के लिए सहमत करने का दोबारा प्रयास करते हुए उन्हें सहमत करने का प्रयास किया जाएगा।

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