ब्रेसलेट जो ज्यादा खाना खाने पर देता है बिजली के झटके, खराब आदतों को सुधारने में भी मददगार

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Rga news

अमेजन एक अत्याधुनिक ब्रेसलेट बेच रहा है। इसको इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अगर लीमिट से ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करता है तो उसे 350-वोल्ट बिजली का झटका लगता है।...

नई दिल्ली:-यदि आप अपना वजन कम करने और फास्ट फू खाने की इच्छा को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो अमेजन का यह नया उपकरण आपके इस समस्या का समाधान हो सकता है। ई-कॉमर्स साइट अमेजन एक अत्याधुनिक ब्रेसलेट बेच रहा है, जो यूजर्सको फास्ट फूड खाने से रोकने के लिए कुछ अलग तरह से रिमाइंडर देता है। इस ब्रेसलेट का नाम पावलोक (Pavlok) है।

इस ब्रेसलेट को इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अगर लीमिट से ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करता है तो उसे 350-वोल्ट बिजली का झटका लगता है। इस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन ये सच है। यही नहीं यह डिवाइस केवल खाने के नियंत्रित करने के लिए ही केवल इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि इससे नाखून चबाने समेत कई खराब आदतों को सुधारने में मदद मिल सकती है। 

डिवाइस को मोबाइल एप से होता है कंट्रोल
फास्ट फूड की सीमित सेवन को सुनिश्चित करने के लिए, डिवाइस को एक एप से कंट्रोल किया जाता है, जिससे यूजर के परिवार के सदस्य, दोस्त या साथी कैलोरी सेवन की जांच के लिए अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं। जब भी कोई यूजर लीमिट से ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करता है, तो एप पर अलर्ट जाता है और उसे बिजली का झटका दिया जा सकता है। इसे यूटा के साल्ट लेक सिटी के व्यवहार प्रौद्योगिकी (Behavioral Technology) ने बनाया है। 

कई बुरी आदतों से छुटकारा दिलाने में मददगार
खाने के साथ-साथ कई बुरी आदतों से छुटकारा दिलाने में ये ब्रेसलेट मददगार साबित हो सकती है। इन आदतों में धूम्रपान, अधिक सोना या इंटरनेट पर समय बिताना भी शामिल है। इसके अलावा सही समय पर सोकर उठने के लिए भी इस ब्रेसलेट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यूजर को इसके लिए यह तय करना होगा कि वह किस आदत के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना चाहता हैै

कंपनी का दावा है कि इसे इस्तेमाल करने के 3-5 दिनों के भीतर ही इन आदतों में सुधार देखने को मिलने लगेगा। यानी आपके ज्यादा खाने की आदत में सुधार देखने को मिल जाएगा। इस बैंड की कीमत 13,900 रुपये है। एक बार चार्ज होने पर 150 बार बिजली का झटका दे सकता है। इस शॉक से किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। इससे ज्यादा तेज झटका नहीं लगेगा। इससे सिर्फ उतने वोल्टेज का शॉक लगेगा, जिससे आप उछल पड़ेंगे।

कैसे काम करती है इसकी टेक्नॉलजी
इस बैंड के सेंसर को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह इंसान के आदत को ट्रैक कर सके। इसपर नजर रखने के लिए इंटरनल सेंसर, मोशन ट्रैकिंग और डिजिटल डेटा का इस्तेमाल होता है। इस बैंड के सिक्स-ऐक्सिस गायरोस्कोर और ऐक्सेरोमीटर हाथ के गेस्चर से पता लगा लेंगे कि कब कोई सिगरेट पी रहे हैं या फिर फिर नाखून चबा रहा है। ऐसा करते ही यह एप अलर्ट देगा। इसके अलावा अगर आप इंटरनेट पर बहुत ज्यादा समय बर्बाद करते हैं तो पावलोक के क्रोम एक्सटेंशन से अपने लिए एक टाइम लिमिट का अलार्म भी सेट कर सकते हैं।

यूजर्स की प्रतिक्रिया
इस बैंड को इस्तेमाल करने वाले यूजर्स ने इसे लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने दावा किया है कि डिवाइस ने उन्हें अपने खाने की आदतों को बदलने में मदद की है, कुछ ने इसकी गुणवत्ता की आलोचना भी की है। 

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